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OXFAM : हर मिनट 11 लोगों की भूख से मौत, दुनिया में लगभग 15.5 करोड़ लोगों की जान संकट में !

News Editor Monday 12th of July 2021 at 04:22:57 PM World
OXFAM : हर मिनट 11 लोगों की भूख से मौत, दुनिया में लगभग 15.5 करोड़ लोगों की जान संकट में !

Corona वायरस से ज्यादा मौते भुखमरी से हो रही है !

Oxfam (Oxford Commitee for Famine Relief) :  गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाले संगठन Oxfam ने कहा है कि दुनियाभर में भुखमरी के कारण हर एक मिनट में 11 लोगों की मौत होती है और पिछले एक साल में भुखमरी जैसे हालात का सामना करने वाले लोगों की संख्या छह गुना बढ़ गई है

Oxfam ने ‘The Hunger Virus Multiplex’ नामक रिपोर्ट में कहा कि भुखमरी के कारण मरने वाले लोगों की संख्या covid -19 के कारण मरने वाले लोगों की संख्या से अधिक हो गई है | Covid -19 के कारण दुनिया में हर एक मिनट में करीब सात लोगों की जान जाती है, पर 11 लोग भूख से लड़कर अपनी जान गवा रहे है

ऑक्सफैम अमेरिका के अध्यक्ष एवं सीईओ एब्बी मैक्समैन ने कहा, ‘आंकड़े हैरान करने वाले हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ये आंकड़े उन लोगों से बने हैं जो अकल्पनीय पीड़ा से गुजर रहे हैं |’ रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया में करीब 15.5 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा के भीषण संकट का सामना कर रहे हैं और यह आंकड़ा पिछले वर्ष के आंकड़ों की मुकाबले दो करोड़ अधिक है | इनमें से करीब दो तिहाई लोग भुखमरी के शिकार हैं और इसकी वजह है उनके देश में चल रहा सैन्य संघर्ष.

मैक्समैन ने कहा, ‘Covid-19 के आर्थिक दुष्प्रभाव और बेरहम संघर्षों, विकट होते जलवायु संकट ने 5,20,000 से अधिक लोगों को भुखमरी की कगार पर पहुंचा दिया है | महामारी से मुकाबला करने के बजाए, एक दूसरे से लड़ रहे हैं जिसका असर उन लाखों लोगों पर पड़ रहा है जो पहले से ही मौसम संबंधी आपदाओं और आर्थिक संकट से बेहाल हैं |’

कोराना वायरस महामारी के कारण विश्व में 26.5 करोड़ लोगों के सामने भुखमरी का खतरा पैदा हो गया है | इसके अलावा भारत में भी लगभग एक करोड़ 20 लाख लोगों के समक्ष यही स्थिति पैदा हो गई है |

एक अध्ययन में यह दावा किया गया है, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) द्वारा प्रकाशितस्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरनमेंट इन फिगर्स 2020’ रिपोर्ट में महामारी के बड़े पैमाने पर होने वाले आर्थिक प्रभाव के बारे में बताया गया है | इस रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक गरीबी दर में 22 वर्षों में पहली बार वृद्धि होगी. रिपोर्ट में कहा गया है, ‘वैश्विक आबादी का 50 फीसदी लॉकडाउन में हैं, जिनकी आय या तो बहुत कम है अथवा उनके पास आय का कोई साधन नहीं है | आय का स्रोत समाप्त हो जाने से चार से छह करोड़ लोग आने वाले महीनों में गरीबी में जीवन व्यतीत करेंगे |

ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) रिपोर्ट-2020 हाल ही में जारी की गई है | रिपोर्ट के अनुसार, 107 देशों के लिए की गई रैंकिंग में भारत भुखमरी में 94वें पायदान पर आया है | रिपोर्ट के अनुसार, 27.2 के स्कोर के साथ भारत भूखमरी के मामले में 'गंभीर' स्थिति में है


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